आदमी अकेले रहने से क्यों डरता है? इंसान हमेशा किसी अपने की तलाश क्यों करता है?
आदमी अकेले रहने से क्यों डरता है? इंसान हमेशा किसी अपने की तलाश क्यों करता है? दुनिया में जन्म लेने वाला हर इंसान अलग होता है। किसी का स्वभाव शांत होता है, कोई मिलनसार होता है, कोई महत्वाकांक्षी होता है और कोई सरल जीवन पसंद करता है। लेकिन एक चीज़ लगभग हर इंसान में समान होती है—वह पूरी ज़िंदगी किसी न किसी अपने की तलाश करता रहता है। बचपन में उसे माता-पिता का साथ चाहिए होता है, बड़े होने पर दोस्त चाहिए होते हैं, युवावस्था में जीवनसाथी की चाह पैदा होती है और बुढ़ापे में परिवार का सहारा सबसे बड़ी ताकत बन जाता है। अगर कोई व्यक्ति पूरी तरह अकेला रह जाए, उससे कोई बात न करे, उसकी परवाह न करे और उसके जीवन में कोई भावनात्मक रिश्ता न हो, तो धीरे-धीरे उसका मन बेचैन होने लगता है। आखिर ऐसा क्यों होता है? क्या इंसान वास्तव में अकेले रहने के लिए बना ही नहीं है? या इसके पीछे विज्ञान, मनोविज्ञान और इंसानी विकास की कोई गहरी कहानी छिपी हुई है? इन सवालों का जवाब समझने के लिए हमें इंसान के इतिहास, उसके दिमाग और उसकी भावनाओं को समझना होगा। हजारों नहीं बल्कि लाखों साल पहले जब आधुनिक सभ्यता नहीं थी,...